बरसाना में ब्रज की ठकुरानी राधिका रानी के तो कई मंदिर मिल जाएंगे, लेकिन उनको जन्म देने वाली मां कीरत का देश में पहला मंदिर कृपालु महाराज के रंगीली महल परिसर बरसाना में बनाया गया है। कीर्ति मंदिर को “बेल्स का महल” के नाम से जाना जाने लगा।
8 मई 2006 को कृपालु महाराज ने पूरी दुनिया में अपनी तरह का 111 फीट ऊंचा, एकमात्र अलौकिक सुंदरता और भव्य वास्तुकला वाले मंदिर की आधारशिला रखी।
लेकिन वे अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। 15 नवंबर 2013 में कृपालु महाराज का निधन हो गया। उनके अनुयायियों ने बड़ी श्रद्धा के साथ अपने गुरु जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सपने का अनुपालन किया और उनके कार्य को पूरा कराया।
इस मंदिर का उद्घाटन 10 फरवरी 2019 को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर किया गया था। जब मंदिर के दरवाजे खोल गए तो एक अनोखी मूर्ति देखी गई जो पहले कभी किसी मंदिर में नहीं देखी गई थी। इस मंदिर में मां कीर्ति की गोद में शिशु राधा का विग्रह था। यह मंदिर श्री राधा और उनकी मां को समर्पित है। राधा जी का बाल रूप इस अनोखे मंदिर का मुख्य केंद्र है। इस मंदिर की परिकल्पना जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने की थी।
इस भव्य मंदिर का 11 फरवरी को लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
कीर्ति मंदिर एक वास्तुशिल्प चमत्कार है जो अपनी जटिल नक्काशी, जीवंत भित्तिचित्रों और मंत्रमुग्ध कर देने वाली मूर्तियों से आगंतुकों को स्तब्ध कर देती है। मंदिर परिसर क्षेत्र की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली स्थापत्य शैली का मिश्रण है।
कीर्ति मंदिर बरसाना सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुलता है और सुबह की आरती सुबह 9:00 बजे की जाती है । इसी प्रकार शाम को 4:30 बजे से 8:00 बजे तक खुलता है और शाम की आरती शाम को 7:00 बजे की जाती है।
Radha Krishna Bagh | राधा कृष्ण बाग
बरसाना में राधा मंदिर के दर्शन के बाद कुछ ही दूरी पर राधा कृष्ण बाग है। यह उद्यान पर्यटकों के लिए बेहद आकर्षण का स्थान है। क्योंकि प्रकृति के खूबसूरत वातावरण के बीच स्थित इस उद्यान में भगवान कृष्ण और राधा की प्रेम लीला के साक्षात दर्शन होते हैं।
Lalita Sakhi Temple Barsana | ललिता सखी मंदिर बरसाना
ललिता सखी मंदिर राधा रानी की सखी का मंदिर है। राधा रानी की 8 सखियाँ उन्हें सबसे प्रिय थीं और उनके बिना ब्रजमंडल की लीला अधूरी थी। सहेलियों में ललिता राधा रानी से 2 दिन बड़ी थी.
Chitrasakhi Temple Barsana | चित्रसाखी मंदिर बरसाना
चित्रसाखी मंदिर मां राधा रानी की सखी का मंदिर है, जो बरसाना के चिकसौली गांव में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि राधा रानी की यह सखी एक कला प्रेमी थी, जिसने सबसे पहले भगवान कृष्ण का चित्र बनाया था।
Sankri Khor | सांकरी खोर
यह सांकरी खोर ब्रह्मगिरि पर्वत और विलास पर्वत के बीच है। इस मार्ग का उपयोग गोपियाँ नियमित रूप से अपने दूध उत्पादों को बिक्री के लिए बाजार में ले जाने के लिए करती थीं। भगवान श्री कृष्ण और उनकी शाखा टोली गोपियों को इस मार्ग से जाने देने के बदले में उनसे दूध, दही और मक्खन की मांग करती थी।
ब्रज में यूं तो कई मंदिर हैं, लेकिन राधारानी की मां कीर्ति का पहला मंदिर बरसाना में बनाया गया है। रंगीली महल परिसर में बना भव्य कीर्ति मंदिर वास्तु कला का बेजोड़ नमूना है। इसकी भव्यता भक्तों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इस मंदिर को 11 फरवरी को आम जनमानस के लिए खोला जाएगा। इसके लिए तैयारियों शुरू हो गई हैं।
गुरुवार को सप्त दिवसीय मंदिर स्थापना दिवस की शुरुआत हो गई है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं आए हैं। इस मौके पर कीर्ति मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया।
कीर्ति मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा बरसाना की गलियों से गुजरते हुए पुन: कीर्ति मंदिर पर संपन्न हुई। कीर्ति मंदिर के शुद्धिकरण के लिए गाजीपुर के प्रेम सरोवर से जल लाया गया है।
30 एकड़ भूभाग में बना बरसाना का रंगीली महल और कीर्ति मंदिर पर्यटन के अलावा क्षेत्र के लोगों के लिए नए रोजगार भी पैदा करेगा। कीर्ति मंदिर की नींव वर्ष 2006 में स्वयं जगद्गुरु कृपालु महाराज ने रखी थी। यह मंदिर भारत वर्ष में कीर्ति महारानी का पहला मंदिर होगा।
मंदिर के उद्घाटन के लिए मंदिर परिसर में युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सचिव नितिन गुप्ता ने बताया कि 11 फरवरी को कीर्ति मंदिर को आम जनमानस के लिए खोल दिया जाएगा। सात से 14 फरवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। पिता के सपने को पूरा करने के लिए परिषद की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी भी साफ सफाई में सहयोग कर रही हैं।
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