इतिहास से हम क्या सीखते हैं? यही न, यही तो कारण है इतिहास की महत्वपूर्णता हम इतिहास इसीलिए पढ़ते है ताकि वो गलतियां न दोहराये जो पहले हो गयी थी लेकिन हमने इतिहास से कुछ नहीं सीखा है। इतिहास दरअसल खुद को नहीं दोहराता बल्कि गलतियों का इतिहास स्वयं को दोहराता है।
एक अनुभव इसलिए होता है ताकि उससे हम कुछ सीखे और यदि हम उससे वह सीखने में असमर्थ हो जाते हैं तो फिर वापस वही गलतियां करते है जो पहले की थी जिसका परिणाम भी उसी इतिहास का दोहराव होता है ।
25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की अनुच्छेद 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी।
मीसा कानून साल 1971 में लागू किया गया था लेकिन इसका इस्तेमाल आपातकाल के दौरान कांग्रेस विरोधियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालने के लिए किया गया.
केंद्र में सत्ताधारी दल बीजेपी आपातकाल के बहाने विपक्षी दल कांग्रेस को घेरने में लगी है. जून 1975 में लगाया गया आपातकाल शायद कांग्रेस की सबसे बड़ी भूल थी जिसका दंश आजतक पार्टी झेल रही है. इस दौरान लगाए गए मीसा कानून के तहत विपक्ष के तमाम नेताओं को जेल में डाल दिया गया, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद तक शामिल थे.
मीसा कानून साल 1971 में लागू किया गया था लेकिन इसका इस्तेमाल आपातकाल के दौरान कांग्रेस विरोधियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालने के लिए किया गया. मीसा यानी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम में आपातकाल के दौरान कई संशोधन किए गए और इंदिरा गांधी की निरंकुश सरकार ने इसके जरिए अपने राजनीतिक विरोधियों को कुचलने का काम किया.
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