*मैया मोरी मैं नहीं आज नहायो*
*भोर भई मुंह धोने के बहाने, बाथरूम मोहें पठायो*
*बर्फीलो पानी वहां देख कर, प्राण गले में आयो*
*मैं बालक ठण्ड को मारो, त्राहि-त्राहि चिल्लायो*
*घरवाले सब बैर पड़े हैं, बरबस मुख धुलवायो*
*तू जननी मन की अति भोली, बापू कहे कुटियाओ*
*जिय तेरे कछु भेद दिखत है, तबही नहीं बचायो*
*ये ले अपनी बाल्टी साबुनिया, बहुत ही नांच नचायो*
*"सुरदास" तब हंसी यशोदा, खाली ड्राई-क्लीन करायो*
*मैया मोरी मैं नहीं आज नहायो*
😄😄
वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें
पीछे छोड़ चला..💕
💕 कुछ ख्वाहिशें दिल मे रह गई..
कुछ बिन मांगे मिल गई..💕
💕 कुछ छोड़ चले गए..
कुछ नये जुड़ गए .. 💕
💕 कुछ मुझसे बहुत खफा हुए..
कुछ मुझसे बहुत खुश हुए.. 💕
💕 कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते रहे..💕
💕 कुछ शायद अनजान थे..
कुछ बहुत परेशान थे..💕
💕 कुछ को मेरा इंतजार था..
कुछ का मुझे इंतजार था.. 💕
💕 कुछ सही थे
कुछ गलत थे,
कोई गलती हुई
तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे
तो याद कीजिये।💕
💕💕 *Happy Last Week of Year* 💕💕
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